ब्यूरो रिपोर्ट :जयप्रकाश श्रीवास्तव
तरवा आजमगढ़,-रोजा संस्थान के तत्वाधान में ब्लॉक सभागार में आजीविका मिशन के सेवादाता /मास्टर ट्रेनरों का बाल संरक्षण के मुद्दे एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी ने बच्चों के शिक्षा के अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दिया जिसमें उन्होंने ने बताया कि मानवीय अधिकारों के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए जिन अधिकारों की प्राथमिक आवश्यकता वे बाल अधिकार की श्रेणी में आते हैं
ब्लॉक मिशन मैनेजर के द्वारा बताया गया कि गांव में समूह का गठन बचत के उद्देश्य से किया गया है और इन पैसों से वह अपने हित में क्या कर सकते हैं इसको लेकर चर्चा किया गया ।इसी क्रम में बताया गया कि जब किसी परिवार के पास आय के साधन उपलब्ध नहीं होते हैं तो वह अपने जीवन का निर्वहन सरल तरीके के साथ नहीं कर पता है और वह सदैव दो वक्त की रोटी के लिए विचार करता है जिससे परिवारों के बच्चों को स्कूल भेजने का दर काफी कम रहता है वह परिवार की आवश्यकता हेतु बच्चों को कम उम्र में ही आर्थिक जिम्मेदारियां का बोझ डाल देती हैं जिससे ऐसे बच्चे जिनके अंदर कुशलता,संचलंता होती है उनका सुनहरा बचपन बाल श्रम के कालिक की भेंट चढ़ जाता है अगर ऐसे बच्चों के परिवारों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जोड़ दिया जाए तो उन्हें स्वरोजगार तथा जीवन कौशल प्रशिक्षण से उन्हें स्वावलंबी बनाया जा सकता है जिससे उन्हें आर्थिक बल प्राप्त होगा तथा वह अपनी जरूरत के साथ-साथ बच्चों की जरूरत विशेष कर शिक्षा स्वास्थ्य की पूर्ति करेगा जिससे हर बच्चे को शिक्षा व समानता का अधिकार प्राप्त होगा और समाज में व्याप्त बाल श्रम पर रोक लगेग। रोजा रोज संस्थान के जिला समन्वयक अर्पित श्रीवास्तव के द्वारा बताया गया कि बच्चों के संरक्षण में माता-पिता की जिम्मेदारी अहम् है, वो इस तरह की वह अपने बच्चे की परवरिश अच्छे से करें। तथा वह अपने बच्चे को किसी भी गलत आदत का शिकार ना होने दे। अगर बच्चे के माता-पिता अपने बच्चे की हर एक गतिविधि पर नजर रखेंगे तो बच्चा कभी भी कोई गलत आदत का शिकार या किसी द्र्व्यव्हार का शिकार नही होगा। इस कार्यक्रम में संध्या सिंह, इरफान खान, अब्दुल, कुसुम देवी, ममता, वर्षा देवी, अंजू देवी, शिमा देवी, शशिकला देवी, उर्मिला देवी आदि लोग उपस्थिति रहे।





