ब्यूरो रिपोर्ट :जयप्रकाश श्रीवास्तव
मेहनगर आजमगढ़।मेहनगर तहसील अंतर्गत तमाम गांवों में बरसात के मौसम में उग आए घासों व टूटे हुए लिंक रोड व खड़ंजो पर लगे बरसात के पानी के वजह से फैले मच्छरों के प्रकोप से लोगों को किसी प्रकार से कोई राहत नहीं मिल रही है आए दिन कोई न कोई मलेरिया टाइफाइड और डेंगू से पीड़ित हो रहा है।फिर भी अधिकारियों की आंखें नहीं खुल रही है। इन्हीं गंदे पानी में पनपरहे मच्छरों की वजह से बच्चों महिलाओं, नवयुवकों और बुजुर्गों मे आए दिन मलेरिया, टाइफाइड व डेंगू से पीड़ित मरीज अस्पतालों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मी कभी-कभी गांव में आते हैं सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखाई नहीं दे रही है साथ ही साथ बड़े-बड़े घास उगे हैं, गांवों में जल जमाव हो गया है जिसमें मच्छर पनप रहे हैं और जिसकी वजह से मच्छरों का प्रकोप फैलता जा रहा है साथ ही साथ बड़ी-बड़ी घासो की वजह से जहरीले कीड़े मकोड़े भी घूम रहे हैं परंतु किसी भी अधिकारी को यह जांच करने की फुर्सत नहीं है कि इन गांवों में मच्छरों के प्रकोप से बचाने के लिए दवाइयां छिड़काई जाए और घासो को जलाने वाली दवाइयां छिड़काई जाए, मच्छरों को भगाने के लिए मशीन वाले धुएं का प्रयोग किया जाए, गांव में बनाए गए सामुदायिक शौचालयों की साफ सफाई व गांवों में सफाई कर्मी किस प्रकार से साफ सफाई कर रहे हैं इसकी जांच की जाए। एक तरफ माननीय मुख्यमंत्री का कहना है गांव-गांव में तमाम सुविधाएं पहुंच रही हैं। परंतु ऐसे लापरवाह लोगों की वजह से ही गांवों में किसी प्रकार की कोई सुविधा पहुंच नहीं रही है और सरकार को लोग दोषी ठहरा रहे हैं।
