बरदह थाना क्षेत्र विकास खण्ड ठेकमा अंतर्गत ग्राम पंचायत भीरा के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि श्रमिकों को रोजगार की गारंटी देने वाली केन्द्र की मनरेगा योजना जिम्मेदारों के लिए दुधारू गाय साबित हो रही हैं। योजना में भ्रष्टाचार चरम पर है, साथ ही रोज़गार गारंटी योजना के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। योजना में भ्रष्टाचार को रोकने हेतु एमएमएस सिस्टम लागू किया गया हैं जिसमें साइड पर जो मनरेगा मजदूर काम करते हैं उनकी मस्टरोल में आनलाइन हाजिरी रोजगार सेवक या मेठ द्वारा लगानें का नियम है। इसके अनुसार मजदूरों का काम करते हुए फोटोग्राफ्स भी अपलोड किया जाता है जो फोटो साफ सुथरी और ऊंचे स्थान से खड़े होकर खींचा गया हो जिसमें मजदूरों का चेहरा स्पष्ट रूप से दिखाई दे कि जिन मजदूरों की हाजिरी मस्टरोल में लगी हो वही मजदूर फोटो में प्रर्दशित हो, लेकिन ग्राम प्रधान व मनरेगा स्टाफ की मिलीभगत से शासन के नियमों की खूब धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
ग्राम पंचायत भीरा निवासी राजेश सरोज द्वारा 1 महीने पूर्व में फर्जी मस्ट्रोल की शिकायत खण्ड विकास अधिकारी से की गई थी। जिसके शिकायत के जाँच के उपरांत खण्ड विकास अधिकारी द्वारा मौके का निरीक्षण करवाते हुये फर्जी मस्ट्रोल को शून्य करवा दिया गया था। आज ग्रामीण ने मौके पर जाकर आपकी आकर्षित होकर हंगामा किया और न्याय की गुहार लगाई एक बार पुणे ग्रामीण को 74 सैनिकों के नाम से फर्जी मास्टर रोल की सूचना मिली तो वह मौके पर आकर ग्राम प्रधान के विरुद्ध जमकर विरोध प्रदर्शन करने लगे वह चेतावनी दिया कि हमारे ग्राम पंचायत भ्रष्ट हो गई है और जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं इसकी सूचना जल्द जिला अधिकारी कार्यालय पर देकर हम लोग घेराव करेंगे।




