जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने सठियांव चीनी मिल का किया औचक निरीक्षण

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आजमगढ़।जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज ने आज चीनी मिल सठियांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चनी मिल की सहयोगी ईकाई डिस्टलरी जहां एथनाल बनता है, वहां पर डिस्टलरी ईकाई से निकला हुआ गंदे पानी का जमाव और कचड़ा देखकर जिलाधिकारी ने संचालन करने वाली सिसोदिया कम्पनी के जीएम अजीत कुमार राय को कड़ा निर्देश देते हुए तत्काल साफ कराने का निर्देश दिया। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने डिस्टलरी की क्षमता के बारे में जानकारी लिया।
टैंकंर लगाकर एथनाल लोड होने के समय उपायुक्त आबकारी स्वारथ चौधरी अनुपस्थित मिले। जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने इसके बाद फायर सम्बंधित जानकारी ली। जिसपर जीएम अनिल चतुर्वेदी ने बताया कि विगत वर्ष जुलाई में साफ-सफाई कराया गया था। डिस्टलरी की क्षमता के बारे में जानकारी देते हुए अजीत कुमार राय ने बताया कि प्रतिदिन 30 हजार लीटर एथनाल तैयार होता है।
गन्ना आपूर्ति के बारे में पूछने पर जीएम ने बताया कि जनपद सहित गैर जनपद मऊ, गाजीपुर, जौनपुर व चन्दौली से गन्ना आपूर्ति होती है। गन्ना किसानों का भुगतान शत प्रतिशत किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने चीनी उत्पादन के बारे में जानकारी ली तो उन्होने बताया कि चीनी का उत्पादन 2 लाख 10 हजार 932 कुन्तल हुआ था, जिसमें अवशेष स्टाक मे 1 लाख 18 हजार कुन्तल है। बिजली के उत्पादन से कुल 6 करोड़ रुपये की आय है। चीनी मिल हाउस के मरम्मत के बारे में जानकारी देते हुए जीएम ने बताया कि 20 प्रतिशत काम हुआ है, शेष काम हो रहा है। पिछले वर्ष इस जैक कम्पनी 1 करोड़ 96 लाख का पैकेज था, वह बढ़कर 2 करोड़ 16 लाख रुपये हो गया है। इसके बाद चीनी मिल से निकलने वाले शीरा और बगास (खोइया) के बारे में भी जिलाधिकारी ने जानकारी ली।
इस अवसर जीएम श्री अनिल कुमार चतुर्वेदी, जिला गन्ना अधिकारी श्री अशर्फी लाल, मुख्य गन्ना अधिकारी श्री त्रिलोकी सिंह, चीफ केमिस्ट वीके यादव, अश्वनी, ईकाई प्रभारी रामसजन राम, मुख्य लेखाकार सुरेन्द्र यादव, उप प्रबंधक राहुल यादव, वीके मिश्रा, बालकिशन, बिन्दु पटेल, राम अवधआदि लोग उपस्थित रहे।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने वेटरनरी क्लीनिक सिधारी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया। इसी के साथ ही उन्होने परिसर के अंदर आने वाले पशुओं का कहां पर किस प्रकार से इलाज किया जाता है, इसका निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने पशुओं के उपचार से संबंधित रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने ओपीडी वार्ड का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हाथ धुलने हेतु बेसीन सही जगह नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने पशुओं के उपचार के उपरांत हाथ धुलने हेतु पानी की व्यवस्था सही जगह पर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी को क्लीनिक को सही ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं के इलाज हेतु उनको पकड़ कर लाने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैटल कैचर की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा धिकारी को निर्देश दिए कि पशु मोबाइल मेडिकल एंबुलेंस के टोल फ्री नंबर 1962 का प्रचार प्रसार कराएं। इस टोल फ्री नंबर पर फोन करने पर पशु मोबाइल मेडिकल एंबुलेंस पशुपालकों के द्वार पर पहुंचेगी एवं पशुओं का इलाज करेगी।
इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 सुनील कुमार सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ0 मनोज कुमार सिंह उपस्थित रहे।

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