मंदोदरी ने रावण को समझाया कि, राम विमुख असहाल तुम्हारा, रहा न कुल कोउ रोवनि हारा

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बिंन्द्राबाज़ार /आजमगढ़।
मेहनगर स्थित गीता मैरिज हॉल में श्री राम कथा महोत्सव के समापन के अवसर पर कथावाचक राष्ट्रीय मानस प्रवक्ता पंडित गोविंद शास्त्री जी महाराज को श्री राम कथा महोत्सव के संयोजक समाजसेवी पप्पू चतुर्वेदी गोविंद जायसवाल प्रमुख समाजसेवी पंकज पांडे पप्पू मौर्य माधवेंद्र मिश्रा राम मूर्ति राय जयशंकर सिंह ने माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस अवसर पर आइडियल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव साहित्यकार संजय कुमार पांडे व समाजसेवी पंकज पांडे ने अंग वस्त्रम एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान पंडित गोविंद शास्त्री जी महाराज ने समापन के अवसर पर रावण वध एवं भगवान राम का राज्याभिषेक पर व्याख्यान देतहुये कहा कि असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म के लिए पाप का अंत भगवान राम ने किया मंदोदरी ने रावण को समझाया कि हे महाराज आज आपके परिवार में कोई आपको कंधा देने वाला बचा नहीं है मंदोदरी ने रावण को समझाया कि, राम विमुख असहाल तुम्हारा, रहा न कुल कोउ रोवनि हारा । सुना कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर पप्पू मौर्य माधवेंद्र मिश्रा राममूर्ति राय जयशंकर सिंह पप्पू चतुर्वेदी गोविंद जायसवाल समाजसेवी पंकज पांडे आदि लोग उपस्थित रहे। अंत में श्री राम कथा के संयोजक पप्पू चतुर्वेदी गोविंद जयसवाल ने आए हुए पंडित गोविंद शास्त्री महाराज के प्रति आभार प्रकट करते हुए आए हुए लोगों का अभिनंदन किया ।

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