महिलाओं को संवैधानिक और मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आजमगढ़ एवं महिला कल्याण विभाग, आजमगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में महिला सशक्तिकरण के सम्बन्ध में महिलाओं को संवैधानिक और मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने हेतु विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन तहसील मार्टीनगंज में किया गया।
शिविर में श्री धनंजय कुमार मिश्रा अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शिविर में उपस्थित महिलाओं के हित संरक्षण कानूनों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया कि महिलाओं को समान पारिश्रमिक अधिनियम के अनुसार अलग वेतन या मजदूरी की हो तो लिंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता है भरण-पोषण अधिनियम, विवाह अधिनियम एवं महिलाओं की सम्पत्ति में अधिकार के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुये बताया कि महिलाऐं अपने पति से अपने गुजारा भत्ता हेतु भरण-पोषण अधिनियम धारा 125 के अन्तर्गत पाने की अधिकारी हैं। अगर कोई महिला घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं तो इसके लिए वह शिकायत दर्ज करवा सकती है। भारतीय कानून के अनुसार मां-बेटी, मां, पत्नी, बहू या फिर घर में रह रही किसी भी महिला पर घरेलू हिंसा करना अपराध है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री बी०एल० यादव ने शिविर में बताया कि सभी बच्चों के लिए उ0प्र0 सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना आरम्भ की गई है। इस योजना के माध्यम से बच्चों को आर्थिक सहायता के साथ कई अन्य सुविधाऐं भी प्रदान की जाती है, जिससे वह अपना जीवन यापन कर सकें। शिविर में उपस्थित जनसामान्य को शासन द्वारा लोक कल्याण हेतु चलायी जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट भारत में कन्या भू्रण हत्या और गिरते लिंगानुपात को रोकने के लिए भारत की संसद द्वारा पारित संघीय कानून है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य गर्भधारण के बाद भू्रण का लिंग जानने वाली तकनिकों पर प्रतिबन्ध लगाना है, साथ ही लिंग आधारित गर्भापात के लिए प्रसव पूर्व निदान तकनिक के दुरूपयोग को रोकना है। इस अधिनियम के अन्तर्गत गर्भधारण से पहले या बाद में लिंग की जांच करने पर रोक लगाने का प्रावधान है। इस अधिनियम के अन्तर्गत गर्भपात करवाने व करने वाले दोनों के लिए ही सजा का प्रावधान किया गया है।
डॉ० अमृता कौशिक महिला स्वास्थ्य अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरदह, डॉ० गौरव मिश्रा, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मार्टिनगंज द्वारा शिविर में महिलाओं के हित संरक्षण हेतु सरकार द्वारा जारी निःशुल्क हेल्पलाइन नम्बरों के सम्बन्ध में जानकारी देते हुये बताया गया कि किसी को कोई परेशानी, समस्या हो जाने पर आप तत्काल पुलिस सहायता हेतु टोल फ्री नं0 112 पर फोन कर पुलिस सहायता प्राप्त कर सकते है, तथा महिला हेल्प लाइन नम्बर 1090 खास महिलाओं के शिकायत हेतु है, जिसमें अगर किसी महिला को कोई परेशान या छेडछाड या किसी महिला को कोई अन्य परेशानी हो तो वह निःशुल्क हेल्प लाइन नम्बन 1090 डायल कर अपनी तथा दूसरों की सहायता कर सकती है। जिसका उस महिला का नाम गोपनीय रखा जाता है।
जिला समन्वयक श्रीमती अन्नु सिंह किसी भी कैंसर में आपके शरीर की कोशिकाएं असामान्य एवं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, कैंसर को हमेशा उस अंग के नाम से जाना जाता है, जहां कैंसर शुरू होता है। इसलिए जब कैंसर आपके गर्भाशस ग्रीवा में शुरू होता है तो उसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। उन्होने बताया कि सर्वाइकल कैंसर का ईलाज सम्भव है, यदि पहले ही सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों का पता चल जाता है तो इसका ईलाज किया जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर का ईलाज सर्जरी, रेडिएशन थिरैपी, कीमोरेडिएशन एवं कीमोथिरैपी के द्वारा किया जा सकता है।
शिविर में कुल 80 से उपर महिलाओं व बच्चियों के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यक्रम का संचालन तहसीलदार मार्टिनगंज श्री हेमन्त कुमार बिन्द द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मार्टिनगंज नन्दिनी शाह, श्रीमती पिंकी सिंह, तहसील मार्टिनगंज की स्थानीय महिलाएं तथा अधिक संख्या में बच्चियां उपस्थित रही तथा लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के अधिवक्तागण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक, पी०एल०वी०गण आदि उपस्थित रहे।

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