रिपोर्ट:जय प्रकाश श्रीवास्तव
बोगरिया, आजमगढ़। मेहनगर तहसील क्षेत्र के रासेपुर शिव मंदिर पर चल रहे हैं रामलीला में बृहस्पतिवार की रात्रि फुलवारी का दृश्य प्रस्तुत किया गया।कई शताब्दियों से चल रहे भगवान रामचन्द्र के चरित्र चित्रण और आदर्शों को राम लीला के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। जिससे लोग पुरुषों में सबसे उत्तम कहे जाने वाले पुरूषोत्तम भगवान राम चन्द्र के आदर्शों पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाएं। राम लीला के माध्यम से लोगों को रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित प्रविष्टियां पढ़कर इसके पात्रों का किरदार निभा कर मंच के माध्यम से दिखाया जाता है। जिसे देखने के लिए लोग भारी संख्या में पहुंचते हैं। आज के समय में भी ऐसे किरदारों को निभाने वाले लोगों का अत्यधिक सम्मान होना चाहिए जिससे भगवान राम के आदर्शों पर चलने का प्रभाव लोगों तक पहुंच सके और लोग जान सके कि भगवान राम ने अपने जीवन में किस प्रकार से नेक राह पर चलकर के अपने जीवन को सफल बनाया। बीच में कुछ सालों से किसी कारण बस रामलीला बंद हो गई थी परंतु कुछ प्रबुद्ध लोगों के प्रयास से पुनः रासेपुर में रामलीला प्रारंभ किया गया। जिसका श्रेय संरक्षक ललई सिंह,व्यवस्थापक राजेंद्र सरोज, मोहन यादव अध्यक्ष वीरू सिंह,अखिलेश पांडे, अरुण सिंह आदि लोगों को जाता है।।






