संत शिरोमणी रबीदास जयंती का हुआ आयोजन
बोगरिया, मेंहनगर,आजमगढ़ । हर साल की भांति इस साल भी अंबेडकर युवा मंच बीबीपुर आजमगढ़ के तत्वाधान में सन्त रविदास जयंती का आयोजन धूमधाम से किया गया।इस कार्यक्रम का शुरुआत मंच के सदस्य श्री सलट राम के द्वारा किया गया और महिलाओं ने सोहर गीत गाकर ख़ुशी मनायी
इस कार्यक्रम में अम्बेडकर युवा मंच के सदस्य श्री जितेन्द्र कुमार ने संत रविदास के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा की भारत में 15वीं शताब्दी के एक महान संत समाज सुधारक कवि और ईश्वर के अनुयाई संत रविदास जी थे।वह संत परंपरा के एक चमकती धरोहर के नेतृत्वकर्ता थे। उनकी ईश्वर में असीम आस्था थी उन्होंने समाज कल्याण के लिए कई आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश दिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन संत रविदास जी का जन्मदिन मनाया जाता है। इस मौके पर उनके अनुयाई उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं को सुनते और पढ़ते हैं इस दिन कई जगह धार्मिक उत्सव का आयोजन किया जाता है।इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है।संत गुरु रविदास जी उन महान संतों में से एक हैं जिन्होंने समाज में फैली बुराईयों और कुरूतियों को दूर करने के लिए लोगों को सच्चे मार्ग पर चलने की राह दिखाई थी।उन्होंने अपनी भक्ति भावना से पूरे समाज को एकता के सूत्र में बांधने का काम किया।
कार्यक्रम का समापन मनीष कुमार के द्वारा किया गया। मनीष कुमार ने बताया की भारत भूमि को युगों युगों से अनेक साधु-संत पीर फकीर ने जन्म लेकर कृतार्थ किया है। जिन सब में से एक संत रविदास हैं। इन्होंने अपने मन, कर्म तथा वचन से समाज में फैले कुरीति स्वरूप जातिवाद, बड़े-छोटे का भेद को मिटाया।
इस कार्यक्रम में राजकुमार, सलट राम, फेरु राम, दीपचंद्र, रामदास, सुबाचन, सिकंदर, अजित, गुडलक,सुनील बबलू, रोहन, मुन्नी देवी, शांति देवी, उषा, भीम तथा समस्त ग्राम वासी उपस्थिति रहे।
