रिपोर्ट :जय प्रकाश श्रीवास्तव
मऊ-उत्तर प्रदेश
नगर पंचायत अदरी, जनपद मऊ में एक गंभीर भूमि अतिक्रमण के प्रकरण को लेकर परिवर्तन एक लक्ष्य समिति ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर कठोर व पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है। समिति द्वारा जिलाधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में यह आरोप लगाया गया है कि अदरी मौजा स्थित गाटा संख्या 760 (पुरानी परती पोखरी) एवं गाटा संख्या 791 (खेल का मैदान) जो कि राजस्व अभिलेख में सार्वजनिक सरकारी भूमि है, उस पर मदरसा जिया उल उलूम का निर्माण अवैध रूप से कराया गया है।
समिति के अध्यक्ष श्री संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि –
“बिना किसी वैधानिक अनुमति के सार्वजनिक भूमि पर निजी मदरसे का निर्माण किया गया है, जो कि स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है। संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से इस पूरे प्रकरण को जानबूझकर दबाया गया है। प्रशासन की निष्क्रियता से जनमानस में गलत संदेश जा रहा है।”
इस प्रकरण में समिति के उपाध्यक्ष श्री रंजीत यादव ने भी प्रशासन की उदासीनता पर प्रश्न उठाते हुए कहा –
“हमारी मांग है कि इस प्रकरण में मदरसा समिति के जिम्मेदार व्यक्तियों पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा एवं सरकारी सहायता प्राप्त करने के नाम पर धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया जाए।”
वहीं कोषाध्यक्ष श्री राधेश्याम सिंह ने इस विषय में संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा –“जिस प्रकार बिना अनुमति के निर्माण कार्य हुआ, उससे यह प्रतीत होता है कि अधिकारियों की मौन सहमति रही है। इस मिलीभगत की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर भू-माफिया संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
समिति द्वारा प्रमुख रूप से तीन मांगें की गई हैं:
- उक्त प्रकरण की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- अवैध कब्जाधारी मदरसा समिति के जिम्मेदारों पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाए।
- मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर सख्त विभागीय व विधिक कार्यवाही की जाए।
अंत में समिति ने प्रशासन से अपील की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र संज्ञान लेकर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि जनता का शासन और प्रशासन पर विश्वास बना रहे।

