अक्षय तृतीया तिथि सभी पापों का नाश करने वाली तथा सुखों को प्रदान करने वाली होती है इसी अक्षय तृतीया के दिन सतयुग और त्रेता युग का आरंभ हुआ था ।इस कारण यह तृतीया तिथि सभी मंगलों को करने वाली होती है। उक्त विचार है श्री हनुमत कृपा सेवा समिति के प्रमुख चंद्रशेखर अग्रवाल के ।वे मऊ नगर के हनुमान घाट स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में आयोजित श्री सुंदरकांड के संगीतमय पाठ के अनंतर उक्त विचार व्यक्त कर रहे थे इस अवसर पर समिति के मुख्य स्तंभ डा राम गोपाल गुप्ता ने कहा कि तृतीया के दिन स्नान दान जप हवन तथा तर्पण अक्षय माना जाता है ।उन्होंने कहा कि पर्व की अधिष्ठात्री मां पार्वती है इसलिए यह तिथि अत्यंत महत्वपूर्ण एवं फलदाई मानी जाती है इस दिन श्री सुंदर काण्ड पाठ करने से कई गुना फल प्राप्त होता है ।इस अवसर पर अजय गुप्ता मनोज तिवारी रवि प्रकाश बरनवाल डा राम गोपाल सुनील चौबे आदि ने सुंदर काण्ड पाठ किया तथा अर्जुन राजभर मंजू शर्मा तथा मनोज तिवारी ने मंत्र मुग्ध करने वाले भजन कीर्तन प्रस्तुत किया ।इस अवसर पर कैलाश चंद जायसवाल सुरेश सिंह नंद लाल मौर्य वीरेंद्र चौहान राम भवन शर्मा मोती लाल विश्वकर्मा राजेंद्र गुप्त दीप गुप्ता अश्विनी वर्मा सर्वानंद बरनवाल कमलेश सिंह राजेश कुमार समेत सैकड़ों नर नारी मौजूद रहे ।






