मेंहनगर (आजमगढ़)।
गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 29 जनवरी से 2 फरवरी तक मेहनगर बाजार लखराव पोखरा प्रांगण में भव्य श्रीहरि कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के चतुर्थ दिवस साध्वी शीतला भारती जी ने राम जी के कांतिकारी रूप पर विचार किया उन्होंने बताया कि किस प्रकार राम जी मुनियों की हड्डियों का ढेर देख प्रण करते है कि मैं पृथ्वी को राक्षसों से विहीन करूंगा जब जब भी महान विभूतियां इस धरा पर आती है तो वो प्रण लेती है समाज को सुंदर बनाने का ऐसा ही प्रण महाराज जी ने भी लिया समाज को बदलने का उसे सुधारने का उसके निमार्ण का। महाराज जी ने भटके हुये युवाओं को सही मार्ग दिखाया कथा व्यास ने बताया जब जब भी संसार रुद्रीवादिताओं, अंधविश्वासों के अन्धकार से ग्रस्त हुआ, तब-तब तत्ववेता ब्रह्मनिष्ठ सदगुरुओं ने समाज की डोर को थामा है और युग को नव दिशा प्रदान की है। आज पुनः गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में लाखो अनुयायी संकल्पबद्ध हैं समाज उत्थान के लिए मैं आप सभी का आह्वाहन करती हैं, देश-विदेश से आये हुए जिज्ञासुओं से भी अपील करती हूँ नशे की इतनी बड़ी समस्या से हम सभी को मिलकर लड़ना होगा | हम सभी जानते हैं नशे से कितने ही युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, साथ ही प्रोड वर्ग का व्यक्तित्व प्रभावित भी हो रहा है। वृद्धो को वृद्ध आश्रम का सहारा लेना पड़ रहा है। युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आकर संस्कार विहीन व चरित्रहीन हो रही है। और आज ये समस्या सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है हमारे समाज के लिए | इसके लिए हमें अध्यात्म को साथ लेना होगा |” कथा के अंत में कथा व्यास ने सभी को प्रभु का आशीर्वाद व् अपनी मंगल कामनाएं प्रदान की।मंच संचालन करते हुवे स्वामी ब्रमेशानंद जी ने कहा
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में सामाजिक कल्याण हेतु अनेक प्रकल्प भी चलाये जा रहे हैं | युवाओं को सही दिशा देने के लिए सैम नाम से एक प्रकल्प चलाया जा रहा है। मंथन नाम के प्रकल्प के अंतर्गत गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। अंतर्दृष्टि नाम से दिव्यांगो की सहायतार्थ एक विलक्षण प्रकल्प चलाया जा रहा है जहां इन्हें रोज़गार भी दिया जाता है। संस्थान के एक अन्य प्रकल्प संतुलन के तहत नारी जागरूकता के अनेको कार्यक्रमों, मार्च का समय-समय पर आयोजन भी किया जाता है। इस विशाल आयोजन में युवा शक्ति निःस्वार्थ योगदान दे समाज में मिसाल कायम कर रही है| देश- विदेश के आये लाखों श्रद्धालुओं को इसका दुर्लभ लाभ प्राप्त हो रहा है। इस दिव्य व विलक्षण शिविर से आप सभी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।कथा का आरंभ वैदिक मंत्रों से व समापन मंगल आरती से हुआ
