बोगरिया, आजमगढ़। बताते चलें कि इस समय धान की रोपाई चल रही है परंतु नहर में पानी की एक बूंद भी न होने से किसानों में काफी आक्रोश है कई बार शिकायत करने के बावजूद भी नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। दूसरी तरफ पानी का अस्तर इस कदर नीचे चला गया है कि घर के पीने योग्य पानी भी जमीन के नीचे से नहीं आ पा रहा है। जगह-जगह पर इंजन,मोटर,टुल्लू लगे हुए हैं जिससे किसी तरह से किसान फसलों को जिलाने की कोशिश कर रहे हैं पर वे नाकाम है क्योंकि उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। यही हाल रहा तो धान की फसल पर काफी ज्यादा असर पड़ने वाला है। चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है दूसरी तरफ भगवान इंद्रदेव भी पसंद नहीं है और बरसात भी नहीं हो रही है जिससे किसानों की फैसले पूरी तरह से बर्बादी के कगार पर हैं। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? यह सोचने वाली बात है कि अगर फसल तैयार नहीं होगा तो लोग खाएंगे क्या? आखिरकर सिंचाई विभाग के लोग नहरों में पानी क्यों नहीं छोड़ रहे? अगर इसी तरह चलता रहा तो कुछ दिन बाद इस क्षेत्र को सूखा घोषित करना ही पड़ेगा। यह हाल अकेले जनपद आजमगढ़ में ही नहीं है बल्कि आसपास के जिलों में भी यही हाल है।पानी का लेवल इस कदर नीचे चला गया है कि लोगों के घरों में हैंडपंप का पानी भी नहीं आ रहा अब यह तो आप सभी जानते हैं कि पानी के बिना जीवन संभव नहीं है। किसानों ने यह मांग की है कि नहर विभाग के लोग जल्द से जल्द नहर में पानी छोड़े अन्यथा फसलें बर्बाद हो जाएंगे।

