मऊ ।
जी एस टी अधिकारियों के भेजे सम्मन पर व्यापारियों की उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त की जाय ।इसके साथ साथ साक्ष्य अथवा किसी भी प्रकार की कमी होने या गुमराह होने पर जेल या जुर्माना का प्रावधान समाप्त किया जाए।उक्त मांगे है अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल जनपद मऊ के जिलाध्यक्ष डा रामगोपाल गुप्त के ।वे नगर के रोज़ा स्थित शिविर कार्यालय पर व्यापारियों की बैठक में उक्त विचार व्यक्त कर रहे थे। डा गुप्त ने कहा कि वर्तमान प्रावधान में किसी भी प्रकार का जाने अथवा अनजाने में त्रुटि पाए जाने पर दस हजार जुर्माना के साथ साथ 2023की धारा229के तहत जेल की कार्यवाही सुनिश्चित की गई है जब कि इसके पूर्व किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर व्यापारी को तीन बार नोटिस देने का प्रावधान था । डा गुप्त ने बताया कि भारत सरकार द्वारा केंद्रीय और प्रादेशिक जी एस टी विभाग को सशक्त बनाने के क्रम में कठोर कदम उठाते हुए पुलिस और सी बी आई जैसे अधिकार दिया है जो पूर्ण रूप से व्यापारियों के हितों के विपरीत है।देश का किसान अन्न दाता है तो व्यापारी समाज कर दाता है। डा गुप्त ने कहा कि अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल पूरे राष्ट्रीय स्तर पर सरकार के द्वारा उठाए गए कदम को वापस लेने की मांग कर रहा है।इस अवसर पर मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल जनपद मऊ के अध्यक्ष अजहर फैजी मीडिया प्रभारी आनंद गुप्ता युवा संगठन के महामंत्री महातम यादव संगठन मंत्री। सुभाष चंद्र कनौजिया श्याम मद्धेशिया दिलीप मद्धेशिया फैयाज अहमद हाजी अनवर अली नीरज अग्निवेश अभिषेक मद्धेशिया करुण कुमार अशोक सिंह हरिशंकर गुप्ता आदि मौजूद रहे ।
जी एस टी अधिकारियों के भेजे सम्मन पर व्यापारियों की उपस्थिति की अनिवार्यता समाप्त की जाय
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