रिपोर्ट: मनोज कुमार उपाध्याय
मऊ। देवश्री न्यास मऊ द्वारा अखिल भारतीय साहित्य संगम कार्यक्रम के अंतर्गत डीसीएसके पीजी कॉलेज के परिसर में भोजपुरी कवि सम्मेलन का आयोजन बीएचयू के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ अनूप की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ उदय प्रताप सिंह हिंदुस्तानी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि डॉ बृजभूषण मिश्र अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष एवं सयोंजक प्रोफेसर शर्वेश पांडेय सहित सभी अथितियों ने दीप प्रज्वलित कर के किया। रघुवीर नारायण द्वारा रचित भोजपुरी के कुलगीत बटोहिया गाना मीनू साहनी, खुशबू चौहान, आरोही अरोड़ा,राजकुमार व रोशन भारद्वाज द्वारा प्रस्तुत किया गया। हिंदुस्तानी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.उदय प्रताप सिंह ने बताया कि हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए, भोजपुरी हमारी मातृभाषा है पर अंग्रेजों के गुलामी के कारण हम अपनी भाषा बोलने में शर्म करते हैं। उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा ही बल्कि भारत की संस्कृति भी है। भोजपुरी संविधान की आठवीं अनुसूची में कभी नहीं आ पायेगी। इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ बृजभूषण मिश्र ने इस अवसर पर बोलते थे कहा कि भोजपुरी एक सामर्थवान बोली जाने वाली भाषा है इसका विस्तार भारत मे सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा है। काव्यपाठ की शुरुआत बालचंद त्रिपाठी ने सरस्वती वंदना की। युवा कवि सुशांत शर्मा ने हम न मानब की राघव त्यागले सिया का पाठ करके प्रभु श्री राम के लगे आरोपों को खारिज किया। हास्य व्यंग्य के कवि मुन्ना मवाली ने मलकिन लड़ई बीडीसी हम लड़ब प्रधानी पढ़कर आज के राजनीतिक की विदुर्पता का चित्रण किया। इसी क्रम में विभा सिंह ने जग में प्यार के रंग से बचा कौन की प्रस्तुति की। शायर व गीतकार भालचंद्र त्रिपाठी ने अचके में खुल गइली निनिया हो राम का पाठ किया। देवरिया से पधारे बादशाह प्रेमी ने हास्य व्यंग्य बहुत कविताएं सुनायी। प्रो.वदिष्ठ अनूप,प्रो. उदय प्रकाश, रस्मी शाक्य ने भी काव्य पाठ किया।
काव्यगोष्ठी का संचालन गहमरी व धन्यवाद ज्ञापन डॉ रामनिवास राय ने किया। इस मौके पर डॉ जयकांत सिंह, पं दया शंकर तिवारी, डॉ कमलेश राय, आनंद प्रताप सिंह, सचिन्द्र सिंह, देवभास्कर तिवारी, डॉ शाशवत पांडेय, प्रो. सीपी राय,डॉ आकांक्षा राय, डॉ विशाल जायसवाल, डॉ तपस्या, डॉ भोला गुप्ता, डॉ जंगबहादुर प्रजापति, डॉ सुधीर सिंह, डॉ नीरज सिंह, डॉ आरपी मिश्रा, डॉ सिधारी सिंह यादव, डॉ संतोष यादव, डॉ प्रद्युम्न पासवान, डॉ इस्तियाक, डॉ कलाम, डॉ दिनेश श्रीवास्तव, डॉ प्रशांत पांडेय, डॉ अरुण कुमार मिश्रा, डॉ शताक्षी सिंह, डॉ दीपक उपाध्याय, डॉ अरुण सिंह, विशाल पांडेय, प्रदीप मिश्रा,दीपचंद्र, शेरमोहम्मद,अभय चौधरी,धनंजय सिंह, संजय वर्मा, अखिलेश सिंह, अभिषेक पांडेय, आदिलोग उपस्थित रहे।




