श्री राम कथा सुनने से जीवन की सारी व्यथा समाप्त हो जाती है।राम चरित मानस जीवन की वास्तविकता का दर्शन स्वच्छ दर्पण की छवि कीतरह कराता है।उक्त सद्विचार है मानस मर्मज्ञ परम पूज्य श्री रितेश जी महाराज के ।वे स्थानीय जीवन राम छात्रावास के प्रांगण में आयोजित श्री राम कथा के विश्राम दिवस पर उक्त विचार व्यक्त कर रहे थे।व्यास पर विराजते हुए श्री महाराज ने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना आज साकार हो रही है।घर घर और गली गली में श्री राम कथा और श्री सुंदर कांड का पाठ तथा श्री हनुमान चालीसा पाठ किया जा रहा है और घरों मंदिरों में शंखनाद की ध्वनि गूंज रही है। श्री महाराज ने श्री राम के गुणों का गान करते हुए बताया कि मानस में जीवन के सभी चरित्र गुरु के रूप में वशिष्ठ पिता के रूप में दशरथ भाई के रूप में भरत और लक्ष्मण मां के रूप में कैकेई और कौशल्या के त्याग तपस्या प्रेम की त्रिवेणी का दर्शन होता है ।हम सभी कथा सुनने के बाद आदर्शो को अपने जीवन में उतारने से ही कथा श्रवण का पुण्य प्राप्त होगा ।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज राय अशोक सिंह गणेश सिंह ऋषिकेश पाण्डेय डा रामगोपाल गुप्त राजेश गुप्ता सौरभ मद्धेशिया अश्विनी बरनवाल राजू बरनवाल प्रकाश चंद राय आनंद कुमार दिनेश बरनवाल रिंकू मिश्रा समेत सैकड़ो लोगों ने आरती उतरते हुए व्यास जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।




