पुष्प वाटिका में श्री राम और लक्ष्मण को फूल चुनते देखकर जगत जननी मां जानकी की सखीया मन ही मन भगवान से प्रार्थना करने लगी कि सीता को श्री राम जी वर के रूप में प्राप्त हों ।मां गौरी का पूजन करते हुए सभी ने अपनी कामनाएं प्रकट किया।सीता जी के पूजन से प्रसन्न होकर माता ने सहज सुंदर और सावरा वर का आशीर्वाद दिया ।उक्त सद्विचार है अयोध्या से पधारे प्रकांड विद्वान मानस मर्मज्ञ परम पूज्य श्री किशोरी शरण जी महाराज के ।वे नगर के सिन्धी कालोनी में श्री राम कथा महा यज्ञ में भक्तों के बीच उक्त उदगार व्यक्त कर रहे थे ।श्री शरण ने पुष्प वाटिका का सजीव वर्णन करते हुए भक्तों को भाव विभोर कर दिया।धनुष यज्ञ का वर्णन करते हुए श्री महाराज ने कहा कि श्री राम जी की छवि देखकर सभी मिथिला वासी मोहित हो गए ।स्वयंवर में जब सभी राजा महाराजा तथा पराक्रमी धनुष को उठाना तो दूर हिला भी सके तो मिथिला नरेश ने बहुत तीखा शब्द कहा तब श्री राम जी ने अनुशासन का पालन करते हुए गुरुदेव वशिष्ठ जी और विश्वामित्र जी से आज्ञा लेकर क्षण मात्र में धनुष को तोड़ दिया ।इस अवसर पर मंदिर के पुजारी विवेकानंद पाण्डेय ने सभी सनातनियों का स्वागत अभिनंदन किया।अंत में देवेंद्र मोहन सिंह राम केर विश्वकर्मा डा रामगोपाल पुनीत श्रीवास्तव राम आशीष दुबे आर के सिंह अरुण कुमार छवि श्याम शर्मा को समेत दर्जनों लोगों ने व्यास जी की आरती उतारी।इस अवसर पर मुख्य रूप से अजय मिश्र अमित शर्मा सुधीर शुक्ला संजय गुप्ता अनिल शर्मा कैलाश चंद जायसवाल पंकज जायसवाल नीलम मिश्र रिंकू मिश्रा मंजू गुप्ता सीता शर्मा सुमन अवधेश बरनवाल मीरा बरनवाल समेत बहुत से नर नारी उपस्थित रहे ।

