लेख: जय प्रकाश श्रीवास्तव
नमस्कार बंधुओ कैसे हैं आप सब उम्मीद करता हूं आप सभी एकदम अच्छे होंगे। हालांकि आज जिस विषय पर हम चर्चा करने जा रहे हैं यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार नया वर्ष नहीं है परंतु फिर भी हम सब बचपन से ही इसी को नया वर्ष समझते रहे हैं और अधिकांश लोगों की सोच और कोशिश यही रहती है कि आने वाला कैलेंडर का नया वर्ष उनके जीवन में शांति उल्लास खुशी और नई उम्मीदें लेकर आए।होना भी चाहिए एक कहावत है कि जब प्रारंभ अच्छा है तो अंत भी अच्छा ही होता है। आज के विषय पर हम चर्चा करेंगे कि आज के युवा पीढ़ी नव वर्ष को किस नजर से देखती है। आज की पीढ़ी नव वर्ष को मनाने के लिए अपने पसंदीदा स्थानों पर जाते हैं पसंदीदा व्यंजन बनाते हैं खाते हैं पीते हैं और मौज मस्ती करते हैं इसी को यह नया वर्ष समझते हैं। परंतु होना क्या चाहिए माफ करिएगा यह मेरी अपनी सोच है जिस प्रकार से हमारे संसार में त्योहारों को भाईचारा और सादगी के साथ मनाया जाता है ठीक उसी प्रकार से लोगों को अपने-अपने गांव और घरों पर हो सके तो भगवान, ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु जीसस क्राइस्ट जो जिस धर्म को मानता हो उसका भजन कीर्तन करते हुए एक स्थान पर मिलजुल करके भोजन बनाएं और एक साथ नव वर्ष के प्रारंभ में एक दूसरे को चंदन टीका लगाकर या गले मिल कर शिकवे गिले मिटाकर सब एक होकर के नाचें गाएं मस्ती करें और सुख-दुख में एक दूसरे का साथ निभाने का वादा करें और कभी भी उनके द्वारा किसी को किसी प्रकार का कष्ट ना हो यह प्रण करें इसे ही नए वर्ष मानना कहा जा सकता है। परंतु हम नए वर्ष में जीव हत्या कर, शराब पीकर,गाड़ियों से स्टंट कर,फूहण गानों पर डीजे की धुन पर नाचे खायें अगर इसे ही हम नया वर्ष मानना कहते हैं तो यह पूरी तरह से गलत है और ऐसा करना भी पाप है। हिंदू रीति रिवाज संस्कृति और सभ्यता के साथ भी नया वर्ष मनाया जा सकता है जिसमें भाईचारा बड़े छोटों का अदब और बुजुर्गों को भी इस उत्साह में प्रेम से शामिल करना सुंदर भजन, सुंदरकांड, रामचरितमानस, हनुमान चालीसा का पाठ करें और नया वर्ष प्रारंभ होते ही एक दूसरे को चंदन टीका लगाकर गले मिलना इस तरह से भी तो नया साल मनाया जा सकता है। बहुत से स्थान पर इस तरह से भी नया साल मनाया जाता है परंतु मेरी सोच से पूरे देश में इस तरह से नए वर्ष की आगमन पर अगर लोग उत्साहित होकर सारे शिकवे मिटा करके साथ-साथ उत्सव मनाएं क्या यह नया वर्ष मनाने का नया तरीका नहीं हो सकता है। मेरे ख्याल से ऐसे ही मनाना चाहिए नया वर्ष।।
जय हिन्द जय भारत
