श्री श्री हनुमान जी महाराज के चरित्र विवेकशील तथा विनम्रता के प्रतीक हैं।

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श्री श्री हनुमान जी महाराज के चरित्र विवेकशील तथा विनम्रता के प्रतीक हैं।अजर और अमरता के आशीर्वाद के बाद भी उनके अंदर अभिमान लेशमात्र भी नहीं है।उक्त विचार है श्री हनुमत कृपा सेवा समिति के प्रमुख चंद्र शेखर अग्रवाल चंदू के।वे नगर के बर पुर में माता वैष्णो मंदिर पर आयोजित श्री सुंदर काण्ड पाठ के दौरान उक्त विचार व्यक्त कर रहे थे।इस अवसर पर समिति के सुनील चौबे रिंकू मिश्रा डा रामगोपाल अजय मिश्र रवि प्रकाश बरनवाल अरुण वर्मा आदि ने विभिन्न मनमोहक स्वरों में पाठ किया।श्री हनुमान चालीसा पाठ के पश्चात आगामी फरवरी माह में बागेश्वर धाम में मऊ की समिति के निर्देशन में श्री हनुमान चालीसा का सवा लाख पाठ को भव्य बनाने केलिए रणनीति तैयार की गई।दर्जनों सदस्यों को पंजीकरण तथा डारमेट्री बस सेवा आदि कई जिम्मेवारी सौंपी गई ।इस अवसर पर मुख्य रूप से रामप्यारे गुप्ता अशोक यादव विकास विश्वकर्मा दिनेश बरनवाल अनिल शर्मा बीरबल शर्मा सुशील जायसवाल आनंद कुमार प्रदीप सिंह वेद नारायण मिश्र प्रमोद सिंह गिरधर गुप्ता राकेश श्रीवास्तव जे एन सिंह तरुण कुमार समेत सैकड़ो भक्त गण मौजूद रहे।

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