मऊ। नगर पालिका परिषद मऊ की कार्यप्रणाली को लेकर वार्ड संख्या 35 मुंशीपुरा पूर्वी सहादतपुरा के स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र के निवासी एवं शिकायतकर्ता संदीप श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि इसी वर्ष दर्जनों बार तथा पिछले वर्षों सहित अब तक कुल 77 बार विभिन्न माध्यमों से शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन आज तक मूल समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जनसुनवाई पोर्टल पर बार बार बिना वास्तविक स्थलीय निरीक्षण और बिना शिकायतकर्ता से संपर्क किए भ्रामक आख्या लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया जाता है। आरोप है कि केवल कुछ दूरी तक औपचारिक सफाई कर फोटो अपलोड कर दिए जाते हैं, जबकि मोहल्ले की नालियां, जल निकासी, गंदगी तथा खड़ंजा निर्माण की समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
स्थानीय निवासी रमाकान्त सिंह का कहना है कि कई वर्षों से क्षेत्र की मूल समस्याओं को अनदेखा किया जा रहा है और कागजों में विकास कार्य दिखाकर जनसुनवाई प्रणाली का मजाक बनाया जा रहा है।
अनिमेश सिंह ने आरोप लगाया कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए और मोहल्ले के लोगों के बयान दर्ज किए जाएं तो वास्तविक स्थिति स्वतः सामने आ जाएगी। उन्होंने मांग की कि जांच नगर पालिका के बजाय किसी स्वतंत्र अधिकारी से कराई जाए।
जवाहर राम का कहना है कि शिकायतों का वास्तविक समाधान करने के बजाय औपचारिक कार्रवाई दिखाकर फाइलें बंद कर दी जाती हैं, जिससे आम जनता का शासन व्यवस्था से विश्वास कमजोर हो रहा है।
रंजीत शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में नाली, जल निकासी और सफाई की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्य कराया गया होता तो लोगों को बार बार शिकायत करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
शिकायतकर्ता संदीप श्रीवास्तव ने मांग की है कि प्रकरण की जांच नगर पालिका परिषद मऊ से हटाकर एडीएम अथवा एसडीएम स्तर के अधिकारी से कराई जाए तथा मोहल्ले के कम से कम 30 स्थानीय निवासियों के बयान दर्ज किए जाएं ताकि वास्तविक स्थिति उजागर हो सके। साथ ही बिना स्थलीय सत्यापन भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि अब भी निष्पक्ष जांच और स्थायी समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत तरीके से अपना आंदोलन और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।










