!!.टीकमगढ़ जिले के पलेरा की बेटी कु. आस्था दमेले ने संघर्ष, समर्पण व आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल पेश की है, जो हर उस युवा के लिए प्रेरणास्रोत है.!!
पंकज पाराशर छतरपुर✍️
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के नगर पलेरा की बेटी कु. आस्था दमेले ने संघर्ष, समर्पण और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल पेश की है, जो हर उस युवा के लिए प्रेरणास्रोत है जो असफलताओं से निराश हो जाता है। सातवीं कक्षा में घर छोड़कर पढ़ाई का कठिन फैसला लेने वाली आस्था ने एक-दो नहीं बल्कि 14 प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-23 प्राप्त कर उपखंड दंडाधिकारी (SDM) पद हासिल किया।
आस्था दमेले, द्वारका प्रसाद (राज) दमेले एवं महिला गहोई समाज पलेरा की अध्यक्ष श्रीमती नीतू दमेले की सुपुत्री हैं। उन्होंने कई राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया और हर असफलता को सीख में बदलते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं। उनका यह सफर धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास का प्रतीक है।
आज आस्था बिहार में SDM के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनकी उपलब्धि ने न केवल उनके माता-पिता और दमेले परिवार, बल्कि पूरे पलेरा नगर एवं गहोई वैश्य समाज का गौरव बढ़ाया है।
आस्था की इस सफलता पर गहोई समाज पलेरा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। परिवारजनों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उन्होंने संघर्ष और सफलता की नई मिसाल कायम की है। उनकी इस उपलब्धि से समाज के युवाओं को यह संदेश मिलता है कि असफलताएं केवल सफलता की सीढ़ियां होती हैं, बशर्ते व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहे।
परिवार की ओर से उन्हें रामराजा सरकार का आशीर्वाद प्राप्त होने तथा जीवन में निरंतर प्रगति करने की मंगलकामनाएं व्यक्त की गई हैं। आस्था दमेले की कहानी यह सिद्ध करती है कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो हर ठोकर के बाद भी अपने कदम आगे बढ़ाना नहीं छोड़ते।
“हार केवल वहीं होती है, जहां प्रयास रुक जाते हैं। आस्था दमेले ने साबित कर दिया कि निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है।”
14 परीक्षाओं में फेल लेकिन नहीं मानी हार, बिहार में SDM बन गई मध्य प्रदेश की बेटी कुं. आस्था दमेंले
27 Views
